BPSC AEDO परीक्षा रद्द: धांधली के आरोपों के बाद आयोग का बड़ा फैसला; 32 अभ्यर्थियों पर FIR
BPSC AEDO exam cancelled: Commission takes major
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपने इतिहास के सबसे अधिक आवेदन वाली सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा रद कर दी।
परीक्षा में कदाचार के आरोप लगे थे। मामले में जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष टीम (एसआईटी) को सौंपी गई।
आयोग ने कई जिलों में 32 अभ्यर्थियों पर एफआइआर की। अंत में 935 पदों के लिए संपन्न हुई परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया।
छात्र नेता ने कहा-धन्यवाद सीएम
अब आयोग की किरकिरी होने पर छात्र नेता दिलीप कुमार ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमने पहले ही 30 से 35 लाख रुपये का रेट लगाने की बात कही थी।
दिलीप ने कहा कि अभ्यर्थी एक सुर में यह मांग कर रहे थे कि एईडीओ (AEDO) की परीक्षा रद होनी चाहिए। इंटरनेट पर यह मुहिम चल रही थी।
हमने परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही वीडियो के माध्यम से 30 से 35 लाख का रेट चलने की बात कही थी। आर्थिक अपराध इकाई, स्पेशल ब्रांच, पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और निष्पक्षता के साथ जांच की।
कई जिलों में बहुत सारे लोग पकड़े गए, एफआइआर (FIR) हुई। बायोमेट्रिक कराने वाले थे वह लोग आंसर पहुंचा रहे थे, बहुत जगह इनविजीलेटर आंसर पहुंचा रहे थे, तो ऐसी परीक्षा का कोई मतलब ही नहीं है।
इतने दिनों से क्या कर रहा था आयोग
कल रात में बीपीएससी (BPSC) ने भारी दबाव और अभ्यर्थियों के आक्रोश को देखते हुए एईओ (AEO) की परीक्षा को रद कर दी।
छात्र हित में फैसला है, हम इसका स्वागत करते हैं और इसके लिए बीपीएससी (BPSC) को धन्यवाद देते हैं। लेकिन बीपीएससी (BPSC) इतने दिनों से क्या कर रही थी?
क्यों समय पास किया जा रहा था? जब पहले ही हम लोगों ने बता दिया था कि इस तरह की बातें चल रही है।
परीक्षा शुरू होने से पहले हमने कह दिया था और बीपीएससी (BPSC) के चेयरमैन और अन्य अधिकारी क्या पहले बोल रहे थे कि ज्यादा संख्या अगर होती है, एक शिफ्ट में परीक्षा लेंगे तो पेपर लीक और धांधली सेटिंग का चांस बनता है।
अलग-अलग शिफ्ट में लेंगे परीक्षा तो धांधली सेटिंग और पेपर लीक नहीं होगा। हम धन्यवाद देते हैं बिहार पुलिस के स्पेशल ब्रांच का।